By Election Results 2026: बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव ने राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश दे दिया है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 18 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस नतीजे के साथ ही करीब तीन दशक से बीजेपी के कब्जे में रही यह सीट अब जन सुराज के खाते में चली गई। PK की ऐतिहासिक जीत मतगणना पूरी होने के बाद प्रशांत किशोर को 63,203 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा 44,250 वोट हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी रेखा कुमारी को 14,085 वोट मिले। परिणाम सामने आते ही जन सुराज समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई और कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया। तीन दशक पुराना बीजेपी का गढ़ टूटा बांकीपुर सीट लंबे समय से बीजेपी की सबसे मजबूत सीटों में गिनी जाती रही है। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन ने यहां से बड़ी जीत दर्ज की थी। इससे पहले भी वे कई बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अब उपचुनाव में मिली हार को भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। 30 साल का गढ़ इस सीट का राजनीतिक इतिहास भी खास रहा है। वर्ष 1995 से लगातार भाजपा इस क्षेत्र में जीत दर्ज करती रही। उस समय यह सीट पटना पश्चिम के नाम से जानी जाती थी। वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद इसका नाम बदलकर बांकीपुर कर दिया गया। पहले नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा लगातार इस सीट से चुनाव जीतते रहे। उनके निधन के बाद 2006 के उपचुनाव में नितिन नवीन ने जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक पारी शुरू की और इसके बाद लगातार इस सीट पर भाजपा का दबदबा कायम रहा। जीत के बाद क्या बोले प्रशांत किशोर? जीत के बाद प्रशांत किशोर ने इसे जनता का स्पष्ट जनादेश बताते हुए कहा कि लोगों ने अपनी प्राथमिकताओं और बदलाव की इच्छा को वोट के जरिए व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास और पलायन रोकने के लिए नई सोच और नई राजनीति की जरूरत है। उन्होंने राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बिहार को ऐसा नेतृत्व मिलना चाहिए जो विकास को प्राथमिकता दे। साथ ही उन्होंने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से राज्य के लिए बेहतर नेतृत्व देने की अपील भी की। राजनीतिक मायने बढ़े बांकीपुर पटना जिले की सबसे महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में शामिल है। इसके अंतर्गत राजेंद्र नगर, मीठापुर, गर्दनीबाग, सचिवालय, कदमकुआं, बोरिंग रोड और गांधी मैदान जैसे प्रमुख इलाके आते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सीट पर जन सुराज की जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक तस्वीर का संकेत भी मानी जा रही है। आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इस परिणाम ने सभी दलों की रणनीति पर नए सिरे से चर्चा शुरू कर दी है। ये भी पढ़ें: दतिया में कांग्रेस की दमदार जीत, घनश्याम सिंह ने BJP को बड़े अंतर से हराया